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यूटà¥à¤°à¤¸ की सेहत के लिठये जानना है जरूरी
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ महिलाओं के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ तंतà¥à¤° का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤— है। आंकड़ों की मानें, तो हर चार में से तीन महिला गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की किसी न किसी समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होती हैं। लेकिन अधिकांश महिलाओं को पता ही नहीं चलता कि.
यूटà¥à¤°à¤¸ की सेहत के लिठये जानना है जरूरी
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ महिलाओं के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ तंतà¥à¤° का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤— है। आंकड़ों की मानें, तो हर चार में से तीन महिला गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की किसी न किसी समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होती हैं। लेकिन अधिकांश महिलाओं को पता ही नहीं चलता कि उनके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि केवल 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं में ही इसकी असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं। ये लकà¥à¤·à¤£ अनियमित पीरियडà¥à¤¸ से लेकर बांà¤à¤ªà¤¨ तक हो सकते हैं। इन छोटे-छोटे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह किसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी के संकेत à¤à¥€ हो सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की आम बीमारियां
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में सूजन
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बà¥à¤¨à¥‡ के कई कारण हो सकते हैं, जिसका समय रहते उपचार जरूरी है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के आसामानà¥à¤¯ आकार के दो सबसे पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण हैं, यà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ और à¤à¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥¤ à¤à¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ मोटा हो जाता है और यह तब होता है, जब वह उतà¥à¤¤à¤• जो सामानà¥à¤¯ तौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सबसे à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ परत बनाते हैं, वह उसकी बाहरी दीवार में चले जाते हैं और वहां विकसित होकर à¤à¤• मोटी परत बना लेते हैं, जिसे à¤à¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤®à¤¾ कहते हैं। अगर डिलिवरी सिजेरियन हà¥à¤ˆ हो तो इसकी आशंका और बॠजाती है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बà¥à¤¨à¥‡ के अनà¥à¤¯ कारण पेलà¥à¤µà¤¿à¤• कंजेशन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, गरà¥à¤ निरोधक गोलियों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ कैंसर हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन में इसका आकार बà¥à¤¨à¥‡ के अलावा पीरियडà¥à¤¸ के दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग, दरà¥à¤¦, शारीरिक संबंध बनाने पर दरà¥à¤¦, पेट के निचले à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ और पेट à¤à¤¾à¤°à¥€ लगना आदि लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई देते हैं।
77 फीसदी महिलाà¤à¤‚ हैं फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡à¥à¤¸ से पीड़ित
फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡à¥à¤¸ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशीय परत में होने वाला à¤à¤• कैंसर रहित टà¥à¤¯à¥‚मर है। फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡à¥à¤¸ का आकार मटर के दाने से लेकर तरबूज के बराबर हो सकता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ इन टà¥à¤¯à¥‚मर में कैंसरगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ à¤à¥€ विकसित हो जाती हैं। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि 77 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाà¤à¤‚ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡à¥à¤¸ से पीड़ित होती हैं, जिनमें से 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ में इसका कोई लकà¥à¤·à¤£ नजर नहीं आता है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ 18 से 50 आयॠवरà¥à¤— की महिलाओं को होती है, जिसमें से 30 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° की महिलाओं को यह समसà¥à¤¯à¤¾ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। किसी महिला के रिपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में उसके शरीर में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¨ का उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡à¥à¤¸ के बनने के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है। इसके अलावा अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारक à¤à¥€ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡à¥à¤¸ के खतरे को बà¥à¤¾ देते है
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का कैंसर
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का कैंसर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से संबंधित सबसे गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है। पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤¤à¤° पर तो इसके कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे ये लकà¥à¤·à¤£ गंà¤à¥€à¤° होते जाते हैं। इसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सामानà¥à¤¯ कोशिकाà¤à¤‚ आसामानà¥à¤¯ रूप से विकसित होकर टà¥à¤¯à¥‚मर बना लेती हैं। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड और बायोपà¥à¤¸à¥€ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के कैंसर का पता लगाया जाता है। अगर नियमित रूप से सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग और टेसà¥à¤Ÿ करवाया जाठतो इस खतरे से बचा जा सकता है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤¤à¤° पर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ कैंसर का कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखाई देता है। जब कैंसर अधिक विकसित होता है तो पीरियडà¥à¤¸ के दौरान असामानà¥à¤¯ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग, यूरिन पास करते वकà¥à¤¤ या शारीरिक संबंध बनाते वकà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ या बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और मेनोपॉज के बाद à¤à¥€ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं।
à¤à¤¸à¥‡ रहेगा यूटà¥à¤°à¤¸ सेहतमंद
सेहतमंद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के लिठजरूरी है सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र डाइट और नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥¤ शारीरिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ न रहने, à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ न करने से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और दूसरे पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में रकà¥à¤¤ का उचित पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ नहीं होता है। शारीरिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ की कमी के कारण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इसलिठरोजाना 30 मिनट तक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें या पैदल चलें। योग à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियों को लचीला और शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बनाठरखने में कारगर है। इसके अलावा पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ लें। तनाव न पालें। नियमित रूप से गाइनेकोलॉजिसà¥à¤Ÿ के पास जाà¤à¤‚ और सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग कराती रहें, ताकि बीमारी के गंà¤à¥€à¤° होने से पहले ही उसका उपचार किया जा सके।
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